MAHASHIVRATRI SHIVIR
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‘Installation of Sahastra Shiv Lingas during Shivratri 2013’

Members of Maha Vidhya Sadhak Parivar, Bhopal are pleased to announce the installation of “Sahasra Shivlinga” which will take place on the auspicious day of Shivratri on the 10th March 2013 by Gurudev Sudarshan Nathji and Gurumata Dr. Sadhana Singh.

Nikhildham, a temple dedicated to Sadgurudev Shri Paramhans Swami Nikhileshwaranandji, will also witness the installation of 64 yoginis, Riddhi and Siddhi, Narayan and idol of Uma Shiv.

Thousands of devotees are expected to flock the Nikhildham Temple in Bhojpur, near Bhopal in Madhya Pradesh for the above said Shila Stapanas (installations) in March 2013.

Nikhildham, is a place where lots of spiritual energy flows abundantly.  Situated in the quiet town of Bhojpur, 30 km from Bhopal, the temple is being built by the MAHAVIDHYA SADHAK PARIVAR, which has members across the country.

Like "Akshardham" temples in Gujarat and Delhi, Nikhildham is unique in its grandeur and solemness surrounding the sacred place. The temple, which is being constructed in five acres, is an important part of the itinerary of not only tourists but also spiritual seekers.

Mahavidhya Sadhak Parivar was founded 10 years ago by Shri Gurudev Sudarshan Nathji and Gurumata Dr. Sadhna Singhji from Bhopal. Mahavidhya Sadhak Parivar indulges in the practise of Sadhana's of all ten Mahavidhyas, based on the teachings of Paramhans Swami Nikheshwaraanandji, our Sadgurudev, a great yogi of the divine land of Siddhashram, a place divine even to the gods. Poojya Sadgurudev left his physical form in 1998, entrusting Gurudev Shri Sudarshan Nathji and Gurumata Dr Sadhana Singhji with the responsibility of preaching Mahavidhya Sadhanas and other sadhanas so that more and more people are benefited.

Most importantly, a temple dedicated to all the 10 Mahavidhyas never existed in the whole history of Bharat Varsha, thus, Nikhildham is very unique and rare for spiritual quest. We kindly welcome to all to Nikhildham to witness the Shila Stapana ceremony. A visit to Nikhildham once could make a difference to any individual.

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शिवरात्रि के शुभ अवसर पर सहस्त्रलिंगम एवं 64 योगिनियों की स्थापना निखिल धाम में !

आध्यात्मिक पत्रिका साधना सिद्धि विज्ञान पत्रिका एवं महाविघा साधक परिवार के तत्वावधान में परमहंस सद़गुरू स्वामी निखिलेश्वरानंद जी दिव्य छत्रछाया में श्रीविघा उपासक गुरुदेव श्री सुदर्शननाथ जी एवं वन्दनीय गुरूमाता डॉ. साधना जी के सानिध्य में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निखिल धाम में 10 मार्च 2013 शिवरात्रि के शुभ अवसर सहस्त्रलिंगम और 64 योगिनीयों की स्थापना की जा रही है । इस स्थापना समारोह में हजारो साधको एवं भक्तो के आने की संभावना है ।

महाविघा साधक परिवार का तीर्थ, निखिल धाम एक ऐसा स्थान है जहां आध्यात्मिक उर्जा का संचार होता है । निखिल धाम भोपाल से मात्र 30 किमी दूरी पर स्थित भोजपुर ग्राम मे बनाया गया है जिसके एक तरफ से नदी बह रही है । यह पांच एकड में बना हुआ है । गुजरात एवं दिल्ली के अक्षरधाम के समान ही निखिल धाम अपने आप में अनोखा है । वर्तमान में यहां पर विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां पर शरभेश्वर एवं स्फटिक शिवलिंग के साथ साथ दस महाविघाओं का एक साथ मंदिर है । यहां पर परमहंस सद़गुरू स्वामी निखिलेश्वरानंद जी महाराज का विशाल मंदिर है जिनकी दिव्य छत्रछाया में महाविघा साधक परिवार के साधक गण साधनायें करते है । बाहर से निखिलधाम एक किलानुमा प्रतीत होता है । विशाल एवं भव्य दरवाजे से जैसे ही हम निखिलधाम में प्रवेश करते है हमारे मन में एक अलग ही आध्यात्मिक उर्जा का संचार होता है । द्धार पर हनुमान जी एवं गणेश जी विराजित है । निखिलधाम में सर्वप्रथम विराजे बटुक भैरव एवं श्री शनिदेव का भी मंदिर है । निखिल भक्तो के लिए यह स्थान किसी तीर्थ से कम नहीं है ।

विदित हो कि महाविघा साधक परिवार की स्थापना श्रीविघा उपासक सुदर्शननाथ जी एवं वन्दनीय गुरूमाता डॉ. साधना जी ने 10 वर्ष पूर्व की थी तब से निखिलधाम में निरंतर कार्य चल रहा है । कला एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण निखिलधाम का विशेष महत्व है ।

 

 
MAHASHIVRATRI SHIVIR

MAHASHIVRATRI SHIVIR
Venue - Nikhildham, Bhojpur, Bhopal
Date: 9th and 10th March 2013

For more information, Please Contact: 0755 4269368 / 4283681

 
 
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